सकारात्मक खबरों से ही समाज को सही दिशा दी जा सकती हैः उपेंद्र तिवारी

लखनऊ. मारीशस के भारत में उच्चायुक्त जगदीश्वर गोवर्धन ने भोजपुरी को मान्यता दिलाने के लिए आह्वान किया है। उन्होंने कहा है कि इंसान की पहचान उसकी भाषा से होती है। और भारत के भोजपुरी भाषियों ने विदेशों तक में अपनी योग्यता और संस्कृति की छाप छोड़ी है।

गन्ना संस्थान में एक पत्रकार संगठन के लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर व्याख्यान देते हुए जगदीश्वर गोवर्धन ने कहा कि मारीशस 50 अफ्रीकी देशों में सबसे छोटा है। और जब उसे आजादी मिली तो उसकी प्रति व्यक्ति आय 500 डालर थी। जो आज बढ़कर 10 हजार डालर प्रति व्यक्ति हो चुकी है। यह सब उत्तर भारत से गए हुए भोजपुरी भाषियों के अथक परिश्रम और प्रतिभा से संभव हुआ है।

उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके कारण दुनिया में भारत की विशिष्ट पहचान बनी है। और विदेशों में रहने वाले भारतीय पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और खुशहाल हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अनुशासन बहुत जरूरी है और भारत ऐसा देश है जहां लोकतंत्र की जड़े बहुत ही मजबूत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी ने प्रवासियों को सिटिजन ऑफ इंडिया का तमगा दिया है। भारत में होने वाले मेगा प्रवासी भारतीय सम्मेलन बुलाते हुए कहा है कि दुनिया भर से करीब 30 लाख लोग आएंगे। उन्हें गंगा स्नान और कुंभ मेले के साथ साथ गणतंत्र दिवस में भी शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है।

उन्होंने महत्वपूर्ण बात ये कही कि सभी प्रवासी भारतीय प्रधानमंत्री के आह्वान पर अपनी क्षमता के अनुसार भारत की तरक्की में योगदान देंगे। इस मौके पर उन्होंने मारिशस में मुफ्त स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ ही परिवहन जैसी सुविधाएं दिए जाने की चर्चा की।

प्रदेश का कानून मंत्री कानून मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि मीडिया की रिपोर्टें सरकार को और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करती हैं, लेकिन हाल के दिनों में सोशल मीडिया से भी मुख्य मीडिया को चुनौती मिलने लगी है। सरकार की ओर से मीडिया को हर प्रकार का सहयोग दिए जाने का आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया के कारण ही प्रजातंत्र में नागरिकों के अधिकारों की भलीभांति रक्षा होती है।

राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी ने कहा कि सोशल मीडिया में जो भी खबरें चलती हैं अकसर उनकी प्रमाणिकता को लेकर चर्चा होती है। और उन पर सहसा भरोसा नहीं करना चाहिए। जबकि इलेक्ट्रोनिक और प्रिंट मीडिया में जो भी खबरें चलती हैं, उन्हें पत्रकार पूरी छानबीन के साथ लिखते हैं। इस लिए सोशल मीडिया को अलग श्रेणी में रखा जाना चाहिए।

उपेंद्र तिवारी ने नकारात्मक खबरों को अधिक महत्व दिए जाने पर चिंता जताई। और कहा कि सकारात्मक खबरों से ही समाज को सही दिशा दी जा सकती है।

न्यायधीश राजर्षि शुक्ला ने कहा कि आज की पत्रकारिता में काफी धार है। और उसमें नए प्रयोग भी हो रहे हैं। खुद सर्वोच्च न्यायालय अपनी कार्यवाहियों की लाइव स्ट्रीमिंग करने के बारे में सोच रहा है। उन्होंने कहा कि मीडिया में छपी रिपोर्टें भी न्यायालय की मदद करती हैं। स्वतः संज्ञान लेकर न्यायालय में तमाम महत्वपूर्ण फैसले दिए हैं।

संगोष्ठी को प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के रजा रिजवी, भारतीय किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष विनय राय आदि ने संबोधित किया। संगोष्ठी का आयोजन नवभारत जर्नलिस्ट एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष शिव कृपाल मिश्र ने किया।

Check Also

अखिलेश यादव

मायावती के बाद, अखिलेश यादव ने मध्यप्रदेश में इस पार्टी को दिया समर्थन !

Lucknow. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मध्यप्रदेश ...