Credit या Debit card का इस्तेमाल करते समय न करें ये 8 काम !

टेक डेस्क. आप ऑनलाइन खरीदारी के लिए डेबिट या क्रेडिट कार्ड का यूज करते हैं? अगर शॉपिंग नहीं लेकिन अगर आप नेट बैंकिंग करते हैं या यूटिलिटी बिल्स भरते होंगे। इस तरह के ऑनलाइन फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन ने हमारी जिंदगी जरूर आसान बना दी है लेकिन धोखाधड़ी का खतरा की कम नहीं हुआ। हर दूसरे दिन आपको खबरें सुनने में आती होगी कि किसी ने ऑनलाइन धोखाधड़ी से अपने हजारों रुपए गंवा दिए।

क्रेडिट कार्ड

हाल ही में एक शख्स ने 1 लाख रुपए खो दिए जब उसके जीमेल को हैक कर लिया गया। लेकिन ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के कुछ बेसिक इंस्ट्रक्शंस इस तरह की धोखाधड़ी से आपको बचा सकते हैं। यहां ऐसी 10 चीजें बताई जा रही है जो कि आपको ऑनलाइन शॉपिंग या किसी भी तरह के ऑनलाइन फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन करते हुए नहीं करना चाहिए।

1. ऑनलाइन ट्रांजेक्शंस केवल पर्सनल कम्प्यूटर्स या लैपटॉप पर करें। कभी भी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए पब्लिक या शेयर्ड पीसी/लैपटॉप का उपयोग न करें।

2. हमेशा फॉर्म डेटा सेटिंग में ऑटो-फिलिंग होना आसान होता है। यह समय बचाता हैं, वहीं कई तरह के ऑनलाइन टास्ट भी कर देता है। लेकिन ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से संबंधित डाटा और फॉर्म्स के लिए इसे कभी इनेबल न करें। इसका मतलब ये है कि आप अपना फाइनेंशियल डाटा सेव कर रहे हैं।

3. लगभग सभी बैंक पासवर्ड डालने के लिए वर्चुअस की-बोर्ड यूज करने की सुविधा देते हैं। इसलिए यही सलाह दी जाती है कि कीलॉगर्स से बचने के लिए फिजिकल की-बोर्ड की जगह वर्चुअल की-बोर्ड ही यूज करें।

4. हमेशा याद रखें कि किसी भी फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन को करने से पहले यूआरएल चेक करना है। यूआरएल में ‘https’ होना चाहिए।

5. आप कार्ड के पीछे लिखे CVV नंबर को इरेज कर सकते हैं। हालांकि इसे हटाने से पहले आपको यह नंबर याद कर लेना होगा। इसे इरेज करने से एक बात तो तय होगी कि गलत हाथों में कार्ड चले जाने से फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन नहीं किया जा सकेगा।

6. कार्ड से जुड़ी कोई भी जानकारी किसी को भी ऑनलाइन न दें। अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड की डिटेल्स किसी को भी ईमेल या फोन पर न दें।

7. ईमेल या एसएमएस के जरिए मिली किसी भी लिंक के जरिए बैंक या किसी भी बेवसाइट को क्लिक न करें। बजाए इसलिए हमेशा पहले ब्राउजर में जाए और वेबसाइट एड्रेस या यूआरएल खुद टाइप करें।

8. आजकल आए दिन फर्जी बैंक ऐप्स के अलर्ट आने लगते हैं। पिछले महीने, सोफोस लैब्स लिमिटेड सिक्योरिटी फर्म ने चेतावनी दी थी कि एसबीआई, आईसीआईसीआई, एक्सिस बैंक, सिटी और अन्य लीडिंग बैंक के फर्जी ऐप्स गूगल प्ले पर उपलब्ध हैं। ये ऐप्स हजारों बैंक कस्टमर्स के डाटा चुरा लेती है।

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