बोर्ड परीक्षा की कॉपियां जांचने से इनकार करने पर झुकी सरकार, बैठक कल

फर्क इंडिया/अखिलेश कृष्ण मोहन

लखनऊ. वित्तविहीन शिक्षकों की मांगों लेकर उत्तर प्रदेश सरकार नरम पड़ गई है। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने शिक्षक संगठनों द्वारा बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन बहिष्कार के निर्णय को गंभीर बताते हुए उन्हें मुलाकात के लिए कल (09.03.2019) 2 बजे बुलाया है। इस दौरान विधानसभा में महासभा का प्रतिनिधि मंडल मिलेगा।

प्रदेश अध्यक्ष उमेश द्विवेदी ने कहा है कि प्रदेश का शिक्षक अपनी समस्याओं के समाधान के लिये लम्बे समय से संघर्ष करता चला आ रहा है। बार-बार सरकार की ओर से कोरा आश्वासन ही दिया गया है। अब शिक्षक आश्वासन नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान चाहता है। सरकार ने बैठक में यदि कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो सरकार को शिक्षकों के आक्रोश का सामना आगामी लोकसभा चुनाव में करना पड़ सकता है।

उक्त वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष, उमेश द्विवेदी (सदस्य विधान परिषद) एवं कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, संजय कुमार मिश्र (सदस्य विधान परिषद) सहित संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे।

बैठक में निम्न मांगों पर विचार किया जाना है

1. वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाचार्य, प्रवक्ता, शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की सेवा शर्तें जारी कर सरकार द्वारा समान कार्य का समान वेतन दिया जाए, जब तक सम्भव न हो तब तक सम्मानजनक मानदेय दिया जाए।

2. अद्यतन तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण किया जाए। साथ ही मा0 न्यायालय अथवा सरकार द्वारा वेतन पा रहे तदर्थ शिक्षकों का बोर्ड में प्रेषित अधियाचन निरस्त किया जाए।

3. उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन एवं परीक्षा संबंधी अन्य सभी दरों को सी0बी0एस0ई0 के समान किया जाए।

4. विगत वर्षां का परीक्षा संबधी समस्त पारिश्रमिक का भुगतान एक सप्ताह के अन्दर किया जाए।

5. पुरानी पेंशन बहाल की जाए एवं उच्चीकृत तथा संस्कृत विद्यालयों को अनुदानित किया जाए साथ ही कम्प्यूटर शिक्षक, व्यावसायिक शिक्षक, प्राथमिक, जूनियर शिक्षक एवं अनुदेशक आदि की समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए।

Check Also

गठबंधन

माया-अखिलेश इस दिन से शुरु करेंगे चुनाव प्रचार, जानें कहां होगी पहली रैली

लखनऊ। लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर SP-BSP ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। समाजवादी ...