जानिए लोकसभा उम्मीदवारों को लेकर अखिलेश यादव कब और कहां करेंगे बैठक

अखिलेश यादव

लखनऊ. समाजवादी पार्टी और बसपा के गठबंधन को लोकसभा चुनाव का बिगुल बताया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के नेता ये मान रहे हैं कि यह अब तक का सबसे बड़ा गठबंधन है, लेकिन छोटे दलों को भाजपा मिलाकर चुनाव में शिकस्त देगी। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि शनिवार को अखिलेश ने लखनऊ रवाना होने से पहले पार्टी सांसद धर्मेंद्र यादव से मुलाकात कर सीटों के बटवारे पर चर्चा की थी।

सूत्रों की माने तो लोकसभा चुनाव- 2019 में उत्तर प्रदेश की 80 सीटों पर सपा-बसपा के मिल कर चुनाव लड़ने पर सहमति बनने के बाद अगले चरण की बारी है। दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व अगले सप्ताह सीटों के बंटवारे पर अंतिम दौर का विचार मंथन करेगा।

सपा सूत्रों के अनुसार पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव दस जनवरी के बाद बसपा प्रमुख मायावती के साथ अगले चरण की बैठक कर उन सीटों को चिन्हित करेंगे, जिन पर दोनों दल अपने अपने उम्मीदवार उतारेंगे।

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को दिल्ली स्थित मायावती के आवास पर अखिलेश की लगभग ढाई घंटे तक चली बैठक में दोनों दलों द्वारा 37-37 सीटों पर चुनाव लड़ने पर सहमति बन गयी है। छह सीट कांग्रेस, रालोद और अन्य के लिये छोड़ी गयी हैं।

सपा के एक नेता ने उन्होंने बताया कि अखिलेश और मायावती की अगली बैठक दस जनवरी के बाद प्रस्तावित है। यह बैठक लखनऊ या दिल्ली में हो सकती है। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच मजबूत जनाधार वाले इलाके की सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारते पर भी सहमति बन गयी है। इस आधार पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अधिकांश सीटों पर बसपा और पूर्वांचल में अधिकांश सीटों पर सपा के उम्मीदवार उतारने पर दोनों दल सहमत हैं। वहीं बुंदेलखंड की चार में से दो दो सीटों पर दोनों दल चुनाव लड़ेंगे।

अखिलेश मायावती मुलाकात को लेकर हालांकि आधिकारिक तौर पर सपा एवं बसपा में से किसी भी दल की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गयी है। सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने अखिलेश और मायावती की मुलाकात से अनभिज्ञता जताते हुये कहा कि गठबंधन के बारे में अंतिम घोषणा अखिलेश और मायावती ही करेंगे। यादव ने हालांकि प्रस्तावित सपा बसपा गठजोड़ में कांग्रेस को दरकिनार किये जाने को ‘काल्पनिक बात बताते हुये खारिज कर दिया।

सपा और बसपा सूत्रों के मुताबिक दस जनवरी के बाद अखिलेश और मायावती की प्रस्तावित बैठक में अगर सीटों का चयन हो जाता है तो 15 जनवरी को मायावती के जन्मदिन पर सपा-बसपा गठबंधन की औपचारिक घोषणा कर दी जायेगी। इस बीच कांग्रेस ने सपा-बसपा के बीच 37 -37 सीट पर चुनाव लड़ने पर सहमति बनने के बाद उत्तर प्रदेश में अकेले ही चुनाव लड़ने के संकेत दिये हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी एल पुनिया ने कहा कि उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ने के लिये तैयार है। उन्होंने कहा ”गठबंधन महत्वपूर्ण नहीं है। हमारे कार्यकर्ता चुनाव के लिये तैयार हैं। हमने गठबंधन के बारे में किसी से पहले भी कोई बात नहीं की थी।

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