हुकुम नारायण यादव ग्राम प्रधान से बने थे लोकसभा सांसद, मिला ये पुरस्कार

अखिलेश कृष्ण मोहन

लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी के सांसद हुकुम नारायण यादव को पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया है। शिक्षा से ग्रेजुएट और खेती किसानी से ताल्लुक रखने वाले हुकुम नारायण यादव किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं, राष्ट्रपति ने आपको पद्म भूषण से सम्मानित किया तो हर किसी की निगाहों में हुकुम जी का जीवन तैरने लगे। बिहार के मधुबनी इलाके के रहने वाले हुकुम को लेकर कहा जाता है कि सदन में खुद को बहुजन कहने का दम भरने वाले नेताओं का कद भी हुकुम से बहुत छोटा है। बहुजन समाज की राजनीति करने वाले नेताओं ने हुकुम की काबिलियत को कभी पहचाना ही नहीं। हुकुम दंदी फंदी नहीं हैं। अखिलेश यादव के घर शादियों में मोदी को निमंत्रण गया होगा, लेकिन हुकुम जी तक नहीं पहुंचा। ऐसे हुकुम को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है।

ग्राम पंचायत से लेकर लोकसभा चुनाव तक रहा है दबदबा

1- सांसद हुकुम नारायण यादव जी वर्ष 1960 से लेकर 1968 तक बिजुली पंचायत के ग्राम प्रधान रहे। आप दो बार ग्राम प्रधान रहे हैं।

2- हुकुम नारायण यादव जी वर्ष 1965 से 1967 तक प्रखंड पंचायत समिति दरभंगा के अध्यक्ष रहे।

3- वर्ष 1967 से लेकर 1972 तक हुकुम जी बिहार विधानसभा के सदस्य रहे। हुकुम जी संसोपा की ओर से भी बिहार विधानसभा के सदस्य रहे। इस दौरान उन्होंने विधानसभा की कई समितियों में भी सेवाएं दीं।

4- वर्ष 1972 में हुकुम नारायण यादव जी बिहार विधानसभा के संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी (संसोपा) के अध्यक्ष रहे।

5- वर्ष 1974 से 1977 तक हुकुम जी भारतीय लोकदल बिहार के महासचिव बनाए गए।

6- हुकुम नारायण यादव जी छठी लोकसभा चुनाव में पहली बार (वर्ष-1977-1979) मधुबनी से सदन पहुंचे। इसके बाद बिहार पार्लियामेंट कमेटी के वह सचिव रहे।

7- वर्ष 1980 में लोकदल से हुकुम नारायण यादव राज्यसभा पहुंचे। वह 1986 तक राज्यसभा सदस्य रहे। इसके बाद वह 1982 से 1984 तक राज्यसभा के डिप्टी लीडर रहे।

8- वर्ष 1983 में हुकुम जी जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बना दिए गए। बाद में 1985 से 1988 तक आप जनता पार्टी के बिहार के प्रदेश अध्यक्ष रहे।

9- वर्ष 1989 में हुकुम जी सीतामढ़ी लोकसभा से जीत कर सदन पहुंचे। इस बार वह दोबारा लोकसभा चुनाव जीते थे। इस दौरान वह वर्ष 1989 से 1990 तक बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के मेंबर के साथ साथ लोकसभा की फाइनेंस कमेटी के भी सदस्य रहे। वह क्यूमुलेटिव कमेटी और पब्लिक अंडरटेकिंग कमेटी के भी सदस्य रहे और अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन किया।

10- वर्ष 1999 में तीसरी बार हुकुम जी मधुबनी लोकसभा सदस्य चुने गए।

11- वर्ष 1999 से 2001 तक कृषि, शिपिंग समेत कई विभागों के राज्य मंत्री रहे।

12- हुकुम जी वर्ष 2009 में चौथी बार लोकसभा सदस्य चुने गए। इस दौरान आप कृर्षि कमेटी से लेकर अर्बिन कमेटियों में सदस्य रहे।

13- हुकुम नारायण यादव जी वर्ष 2014 में पांचवी बार लोकसभा पहुंचे।

Check Also

रेप

वेश्यावृत्ति से किया इंकार तो महिला का किया सामूहिक बलात्कार !

Noida. एक महिला ने प्रॉपर्टी डीलर समेत 6 लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मामला ...