पिछड़ों की बात करने वाले अखिलेश यादव ने सवर्ण को बनवाया सूचना आयुक्त !

आनंद विश्वकर्मा, गोरखपुर. 

लखनऊ. दलित-पिछड़ों की खैरख्वाह का दम भरने वालों का असली चेहरा एक बार फिर सामने आ गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक सवर्ण पत्रकार को विपक्ष के कोटे से सूचना आयुक्त बनवा दिया है, जबकि इस लिस्ट में कई दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों के नाम थे।

सूत्रों की माने तो सूचना आयुक्त की लिस्ट जारी हो गई है। 10 लोगों को सूचना आयुक्त बनाया गया है। समाजवादी पार्टी जो कि अपने को पिछड़े वर्ग और दलितों की सबसे बड़ी हमदर्द बताती है, इस पार्टी ने भी विपक्ष के कोटे से किसी दलित या पिछड़े व्यक्ति का चेहरा नजर नहीं आया। कुल 10 पदों में से विपक्ष को कम से कम एक या दो पद दे दिया जाता है। क्योंकि नेता विपक्ष भी इस कमेटी में होते हैं। सूत्रों की माने तो सपा ने अपने एक पद को एक सवर्ण पत्रकार का चयन करवा कर भरवाया है। इस सूची में सबका साथ सबका विकास की जगह केवल वर्ग विशेष का ही विकास हुआ है। समाजवादी पार्टी इस विकास में भाजपा के साथ दिखाई दे रही है। ठीक उसी तरह जिस तरह सवर्ण आरक्षण के मुद्दे पर रही है।

हकीकत ये है कि सपा ने ऐसा तब किया जबकि सूचना आयुक्त पद के लिए उपयुक्त पाए गए लोगों में राष्ट्रीय स्तर के मीडिया संस्थानों में कार्य कर रहे हाशिए के तबके के वरिष्ठ पत्रकार और वकील, आईएएस अधिकारी समेत अन्य लोगों का भी नाम था। ये संयोग की बात है कि इस सूची में जिस वरिष्ठ पत्रकार का नाम था वह सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ही बिरादरी और उन्हीं के प्रदेश से थे। उन्हें भी दरकिनार कर दिया गया।

राजनीतिक जानकार बताते हैं कि समाजवादी पार्टी ने जिस तरह से सवर्ण आरक्षण का विरोध करते करते वोट सवर्ण आरक्षण के पक्ष में दे दिया था, ठीक उसी तरह अखिलेश यादव ने सूचना आयुक्त के चयन में भी नेता विरोधी दल राम गोविंद चौधरी से किसी दलित पिछड़े की सिफारिश न करवा कर एक सवर्ण पत्रकार की पुरजोर सिफारिश करवाई और उसे सूचना आयुक्त बनवाया गया। इसके पहले सत्ता में रहते हुए भी अखिलेश यादव ने आवास विकास परिषद के सभी उपाध्यक्ष  (सिद्धार्थ सिंह, सुशील टिब्डेवाल और सुरभि शुक्ला ) सवर्ण बनाए थे। इसको लेकर भी सवाल उठा था, लेकिन अखिलेश यादव ने अपना फैसला नहीं बदला था।

सत्ता जाने के बाद भी अखिलेश यादव के इन फैसलोंं पर एक बार फिर सवाल उठ रहा है।

अखिलेश यादव सरकार में इस तरह थी लिस्ट

अखिलेश यादव सरकार में 8 सूचना आयुक्त की नियुक्ति की गई थी। जातिवार गणना कुछ इस तरह है।
3 मुसलमान, 2 ठाकुर, 1 विश्वकर्मा, 1 गुप्ता और 1 यादव।

 

 

 

 

 

 

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