नाबालिग छात्रा के साथ गैंगरेप के बाद स्कूल ने पढ़ाने से कर दिया मना

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देहरादून. क्या गैंगरेप लड़की की पहचान को उजागर किया जा सकता है। यदि इसका सही जवाब मिले तो निश्चित रूप से यही होगा कि यह कभी नहीं किया जा सकता। इसके बाद भी देहरादून के एक स्कूल ने इस कायदे कानून का इस लिए उल्लंघन कर दिया क्योंकि छात्रा गरीब घर की थी।

फर्क इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक, देहरादून के एक निजी स्कूल में 16 साल की छात्रा के पढ़ने पर रोक लगा दी गई। उसका प्रवेश ही अवैध कर दिया गया। यह दलील दी गई कि छात्रा के साथ हाल के दिनों में गैंगरेप हुआ है। इस लिए छात्रा को पढ़ने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

पूरे मामले को लेकर इसकी कोर्ट में पैरवी कर रहे वकील का कहना है कि छात्रा के माता पिता की मांग है कि छात्रा की पहचान को उजागर करने की वजह से स्कूल की संबद्धता ही रद की जानी चाहिए। स्कूल के वर्ताव से उनके परिवार को धक्का लगा है।

अधिवक्ता अरुणा नेगी की माने तो छात्रा भी नाबालिग है। ऐसे में मामला और भी गंभीर हो जाता है। माता पिता ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ ही प्रदेश के शिक्षा मंत्री को भी पत्र लिखकर शिकायत की है। उन्होंने लिखा है कि स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

पीड़ित छात्रा के पिता का कहना है कि कई निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए आवेदन दिए लेकिन कही भी उनकी बेटी को प्रवेश नहीं मिला। सबसे चौकाने वाली बात ये है कि स्कूलों ने कोई स्पष्टीकरण भी नहीं दिया। एक निजी स्कूल ने अपनी मंशा जाहिर करते हुए कहा कि गैंगरेप की शिकार छात्रा को स्कूल में प्रवेश नहीं दे सकते हैं।

गौरतलब है कि देहरादून के ही एक बोर्डिंग स्कूल में छात्रा पढ़ रही थी। 14 साल की छात्रा के साथ 14 अगस्त को चार छात्रों ने उसके साथ गैंगरेप किया था। छात्रा ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की थी, लेकिन इसे अनसुना कर दिया गया। छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना तब प्रकाश में आई जब सितंबर में उसके पेट में दर्द हुआ और पता चला कि वह प्रिगनेंट है। इसके बाद छात्रा ने इसकी जानकारी अपनी बहन को दी। मामले की जांच कर ही एसएसपी निवेदिता कुकरेती भी इसे गंभीर मामला मानती हैं।

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