8 ब्राह्मणों ने दिन दहाड़े खेत में यादव किसान की करदी हत्या, सीएम से मिला परिवार

फर्क इंडिया, कानपुर

लखनऊ. आठ ब्राह्मणों ने मिलकर दिन दहाड़े एक यादव किसान की उसके बेटे के सामने खेत में हत्या कर दी और घटने के 10 दिन बीत जाने के बाद भी कोई पुलिसवाला उस गांव में इस लिए नहीं पहुंचा क्योंकि मरने वाला यादव था। पुलिसवालों के ये डर है कि यदि हत्यारे ब्राह्मणों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे, तो भाजपा सरकार में उनकी नौकरी चली जाएगी। इसके डर से पुलिस अधिकारी भी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दबिश दी जा रही है। सभी ब्राह्मण फरार हैं। मीडिया में इस घटना की रिपोर्ट न लिखे जाने को लेकर गांव के ही बब्लू कहते हैं कि यादव मारा गया है इस लिए अखबार नहीं छाप रहे हैं। ब्राह्मण मारा गया होता तो सभी अखबार छापते।

जानकारी के मुताबिक, कानपुर देहात के थाना अकबरपुर, पोस्ट रनिया, ग्राम केसरवल के किसान बलवीर सिंह यादव की गांव के दबंग ब्राह्मणों ने गुट बनाकर हत्या कर दी। दबंग भूमाफिया किस्म के लोग बताए जा रहे हैं।

घटना 21 नवंबर की सुबह 9:00 बजे की है। बलवीर सिंह यादव अपने बेटे आलोक यादव के साथ, खेत पर आवारा पशुओं से फसल की सुरक्षा के लिए तार लगा रहे थे, तभी उसी समय गांव के ही कृष्ण कुमार उर्फ बउवन व उनका भाई अनिल उर्फ पप्पू पुत्रगण शिवशंकर लाल व उनके लड़के सीपू उर्फ आनंद व छोटू उर्फ अनुराग पुत्रगण अनिल कुमार शुक्ला, लाठी डंडों से लैस होकर बिना नंबर के पावर ट्रैक्टर पर ललकारते हुए आये। दबंगों ने मेरे सामने पहले पिताजी का हाथ और पैर तोड़ा और बुरी तरह पीटा, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

आलोक ने आगे बताया कि, मुझे मारने दौड़े तो मैं गांव की तरफ शोर मचाता हुआ गांव की ओर भागा। इस पर गांव के लोग और मेरे मामा लाल सिंह आदि आ गए, जिससे यह लोग भाग गए। जब हम लोग खेत पर पहुंचे तो पिताजी की मौत हो चुकी थी। हमलोग थाने पहुंचे और पुलिस को तत्काल सूचना दी, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। 11 घंटे बाद, पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। 10 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है, हत्यारे बेखौफ गांव मे घूम रहें हैं और धमका रहें हैं। ऐसे मे गांव मे आतंक का वातावरण बना हुआ है।

मृतक के भाई पुष्पेंद्र सिंह यादव ने बताया कि यह लोग अक्सर हमारे खेतों में अपने पशुओं को छोड़ देते थे, जिससे फसल का नुकसान हो जाता था। यह लोग कई बार तरह-तरह से भाई को परेशान करने की कोशिश करते थे, जिससे कि मजबूर होकर मेरे भाई अपनी जमीन इन लोगों को दे दे, उन्होंने बताया कि कृष्ण कुमार व अनिल कुमार हमारे खेत लेना चाहते हैं, लेकिन हम लोगों की रोजी-रोटी का साधन चूंकि खेत ही हैं, इसलिए हम लोग खेत बेचना नहीं चाहते हैं। इसलिए यह लोग हमसे रंजिश रखते हैं। इन लोगों की नजर शुरू से हमारी जमीन हड़पने की रही है। वह चाहते हैं कि यह जमीन उनको दे दी जाए। थाने पर शिकायत करने के बावजूद इन दबंगों के खिलाफ कभी कोई कार्यवाही नहीं होती है।

मृतक की पुत्री समता यादव ने बताया कि गांव में आरोपियों का डर बना हुआ है। पिता की मौत के बाद अब वह हम लोगों को मारने के योजना में है, जिससे डरकर हम लोग घर पर नहीं रह पा रहे हैं और न्याय की गुहार में लखनऊ आए हैं। ऐसी स्थिति में अगर हमें न्याय नहीं मिला तो हम लौटकर गांव नहीं जाएंगे और यहीं मुख्यमंत्री निवास पर ही अपनी जान दे देंगे। मृतक किसान बलबीर सिंह यादव का पुत्र आलोक यादव एमएससी का छात्र है।

 

Check Also

अजिंक्‍य रहाणे

3 साल बाद रहाणे ने की ऐसी बल्लेबाजी, टीम इंडिया की टेंशन दूर हुई !

डेस्क. टीम इंडिया के उपकप्‍तान अजिंक्‍य रहाणे को पिछले काफी समय से अपने खराब प्रदर्शन ...