गंगा के गोमुख से इस अभियान के दौरान दल को पत्थरों के बीच जगह-जगह मिला गंदगी का अम्बार

आपदा और पर्यावरण की बात की जाए तो गंगा का गोमुख बहुत ही शांति और संवेदनशील है। लेकिन यहां पर गंदगी का अम्बार है। इतना ही नहीं पर आज से 10 साल पुराना कूड़ा में पड़ा हुआ है जिसे उठाने का किसी के पास समय नहीं है।

इस बात का खुलासा आईआईटी, रुड़की के छात्रों के एक दल ने की जब वह स्वच्छता अभियान के तहत वहां पहुंचे थे। आपको बता दें वह अपने साथ 40 बोरे लेकर आए थे।

गोमुख से कुछ पहले ही ऊंचाई वाले क्षेत्र में दो कूड़ेदान जरूर रखे थे, लेकिन इनमें भी जला कुआ कूड़ा डाला गया था। आग की वजह से एक कूड़ेदान का पेंट तो पूरी तरह मिट चुका था, जबकि दूसरे हिस्से का पेंट भी पिघला हुआ था। आईआईटी रुड़की के छात्रों के दल ने गोमुख, भोजवासा, तपोवन और चीड़बासा क्षेत्र में ट्रैकिंग कर सफाई अभियान चलाया। अभियान के दौरान दल को गोमुख के पास पत्थरों के बीच में जगह-जगह कूड़ा जमा मिला।

जिस जगह कूड़ेदान रखे थे, उनके ठीक पीछे तक बड़े-बड़े पत्थरों के बीच कूड़े के ढेर पड़े थे। इससे साफ था कि कर्मचारी इस कूड़े को गंगोत्री लाने की जहमत ही नहीं उठाते। टीम ने बीती 20 सितंबर की सुबह भोजवासा कैंप से गोमुख की यात्रा शुरू की। छात्रों के दल में शामिल आईआईटी के उप कुल सचिव एके श्रीवास्तव ने बताया कि पत्थरों के बीच पड़े कूड़े को देखकर ऐसा लग रहा था कि कूड़ेदान हाल में ही उलटा गया है।

गोमुख और आसपास के क्षेत्रों में सफाई अभियान पूरा कर आईआईटी रुड़की के 25 छात्रों का दल छह दिन की यात्रा पूरी कर सोमवार को लौटा। इस दौरान छात्रों ने भारी मात्रा में गोमुख, भोजवासा कैंप क्षेत्र, तपोवन और चीड़बासा से कूड़ा एकत्र किया। छात्रों ने 1200 किलो से अधिक कूड़े को गंगोत्री लाकर इसके निस्तारण के लिए नगर पंचायत प्रशासन के सुपुर्द किया। केंद्र सरकार के नमामि गंगे एवं जल शक्ति मंत्रालय के प्रोजेक्ट के तहत आईआईटी के हिमालयन एक्सप्लोरर क्लब (एचईसी) के छात्रों का यह दल 18 सितंबर को रवाना हुआ था।

पार्क क्षेत्र में कूड़ा जलाकर नष्ट करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। संभवत: कांवड़ सीजन के दौरान कांवड़ यात्रियों ने कहीं कूड़ा जलाया होगा। गंगोत्री-गोमुख ट्रैक पर कूड़ा एकत्र करने के लिए जगह-जगह कूड़ेदान लगाए गए हैं। पार्क प्रशासन क्षेत्र में निरंतर सफाई अभियान चलाकर कूड़ा एकत्र करता है। इसे निस्तारण के लिए गंगोत्री धाम पहुंचाया जाता है। पार्क क्षेत्र में जाने वाले पर्यटक और कांवड़ यात्री कूड़ा न जलाएं, इस पर नजर रखी जाएगी।

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