अपने पिता की तेरहवीं में क्यों नहीं जा पाए स्वरोजीत मिर्धा…..

बीस वर्ष के स्वरोजीत मिर्धा असमंजस में है कि वह अपने पिता की तेरहवीं याद करे या नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में बुलाए जाने पर गर्व महसूस करे.स्वरोजीत के पिता हाराधोन मिर्धा पश्चिम बंगाल के नादिया में बीजेपी कार्यकर्ता थे जिनकी तेरह दिन पहले गुंडों ने पीट पीट कर मर्डर कर दिया था शपथ समारोह के आमंत्रण पर अपने चाचा साधन मिर्धा के साथ दिल्ली पहुंचे स्वरोजीत ने बताया कि टीएमसी के गुंडों ने उनके पिता को हाथ  पांव से पकड़ एक पेड़ में इतने मुक़ाबलामारे कि उनके प्राण निकल गए. अब उसी पिता की तेरहवीं पर पीएम के शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित रहने को क्या बोला जाए समझ नहीं आ रहा

इसी तरह पश्चिम बंगाल में करीब 60 कार्यकर्ताओं की पॉलिटिक्स मर्डर हुई है. राष्ट्रपति ने इस शपथ ग्रहण समारोह में चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा में मारे गए 54 परिवार को आमंत्रित किया है. इन परिवार को 70 लोग दिल्ली आए  समारोह में बतौर अतिथि भाग लिया. समारोह से पहले वार्ता में इन परिवार वालों ने बोला कि एक हम जैसे छोटे कस्बे को लोगों को राष्ट्रपति भवन में बुला कर जो इज्जत दी गई है उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता.

सुब्रत विश्वास ने बोला कि उन्हें भरोसा है कि नरेंद्र मोदी  पार्टी के लोग इन परिवारों को न्याय दिलाएंगे. हत्यारों को कारागार भेजेंगे. उन्हें अपने गांव में सिर्फ सम्मान  डर रहित माहौल चाहिए  कुछ नहीं. इनका बोलना है कि वह टीएमसी की गुंडागर्दी से परेशान हैं. आज चुनाव समाप्त हो जाने के बाद भी इनके परिवार को धमकी मिल रही है. आशा है कि बीजेपी हाईकमान सिर्फ यहां बुलाकर औपचारिकता नहीं निभाएंगे बल्कि गांव कस्बों में राजनीतिक गुंडों का सफाया भी करेंगे.

Check Also

अखिलेश यादव की पार्टी को छोड़ अब बीजेपी में शामिल होंगे ये…

2019 लोकसभा चुनाव में मिली शर्मनाल पराजय व बसपा (बसपा) से मिले धोखे के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) अभी ...