UP सरकार ने दी 2.5 लाख लोगों को सरकारी नौकरीः सीएम

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद गोरखपुर के चरगावां आईटीआई में आईसीआईसीआई एकेडमी फॉर स्किल्स का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा ढाई लाख लोगों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। इसके साथ ही करोड़ों रुपए के निवेश से विभिन्न क्षेत्रों के विकास हेतु कार्य किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस प्रकार के केंद्र खुलना अत्यन्त ही महत्वपूर्ण है। आईसीआईसीआई संस्था द्वारा यह दूसरा केंद्र गोरखपुर में स्थापित किया गया है। पूरे देश में 300 से अधिक इसकी शाखाएं हैं। आईटीआई चरगावां प्रदेश में कौशल विकास मिशन की अग्रणी संस्थाओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस प्रकार के सेंटर बनने से रोजगार के लिए नौजवानों को निश्चित रूप से एक बेहतर मंच मिलेगा। साथ ही, वे कौशल विकास में प्रशिक्षित होकर रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। प्रयागराज कुम्भ मेले का आयोजन किया गया है, जो अब समाप्त हो रहा है। यह आयोजन उत्तर प्रदेश के उत्कृष्ट प्रबंध कौशल का एक उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 300 से अधिक सरकारी आईटीआई तथा 2800 से अधिक निजी क्षेत्र के आईटीआई व कौशल विकास केंद्र मौजूद हैं, जहां से प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में नौजवान प्रशिक्षित होकर निकले हैं। विगत वर्षों से उनके प्लेसमेंट के लिए भी कार्य किया जा रहा है। आईसीआईसीआई जैसी संस्था के जुड़ने से इसमें गति आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के परम्परागत उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना के तहत 78 हजार से अधिक युवाओं को मुद्रा योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के माध्यम से सहायता प्रदान की गई है। सरकार द्वारा सौभाग्य योजना के तहत ढाई लाख मजरों में विद्युत कनेक्शन दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यकताओं के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षित कर हुनरमंद बनाने का कार्य करना होगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईसीआईसीआई बैंक के अधिशासी निदेशक तथा आईसीआईसीआई फाउण्डेशन फॉर इनक्लूसिव ग्रोथ की गवर्निंग काउंसिल के मेम्बर अनूप बागची ने कहा कि शुरुआती तौर पर एक वर्ष में 320 छात्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा। पाठ्यक्रम में प्रासंगिक व्यावसायिक प्रशिक्षण के साथ-साथ जीवन कौशल जैसे-शिष्टाचार और व्यवहार, संचार, बुनियादी अंग्रेजी और वित्तीय साक्षरता शामिल है। प्रशिक्षण की अवधि 12 सप्ताह है। समाज के वंचित वर्ग के युवा, जिन्होंने कम से कम आठवीं तक पढ़ाई की है और जिनकी आयु 18 वर्ष से 30 वर्ष के बीच है, वे इलेक्ट्रिकल एंड होम एप्लायन्सेज रिपेयर पाठ्यक्रम के लिए पात्र हैं, जबकि विक्रय कौशल के लिए 10वीं कक्षा तक की न्यूनतम शिक्षा होनी चाहिए।

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