दलितों-पिछड़ों की JOB के लाखों आरक्षित पद खाली हैं, मोदी सरकार नहीं भरना चाहती

लखनऊ. ABVP की देश के कई यूनिवर्सिटी में हार को लेकर MAYAWATI ने PM MODI और बीजेपी की नीतियों को कटघरे में खड़ा किया है। मायावती ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि देश के जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय (JNU), दिल्ली विश्वविद्यालय (DU), राजस्थान व गुवाहाटी विश्वविद्यालयों के बाद अब हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के महत्त्वपूर्ण चुनाव में ABVP को हार मिली है। ये संगठन बीजेपी-आरएसएस से सम्बद्ध छात्र संघठन हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की करारी हार को देश के राजनीतिक बदलाव का नया संकेत माना जा सकता है।- JOB

दलितों-पिछड़ों वर्गों की आरक्षित JOB के लाखों पद खाली हैं

युवाओं को रोज़गार उपलब्ध कराने के मामले में नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार सहित बीजेपी की राज्य सरकारों का भी रिकार्ड इतना ज़्यादा ख़राब है कि वे सरकारी नौकरी भी उपलब्ध कराने में फिसिड्डी साबित हो रही हैं। यही कारण है कि दलितों व पिछड़े वर्गों के लिये आरक्षित लाखों सरकारी पद भी खाली पड़े हुये हैं। जिस कारण ‘आरक्षण’ की संवैधानिक व्यवस्था पूरी तरह से निष्क्रिय व निष्प्रभावी साबित हो रही है। इससे बीजेपी एंड कम्पनी की आरक्षण-विरोधी नीति व नजरिया का साफ तौर पर नजर आता है।

BJP नेताओं ने जनता को बहका दिया

BSP की राष्ट्रीय अध्यक्ष MAYAWATI ने कहा कि बीजेपी के नेताओं ने जनता को विभिन्न प्रकार से बहका व वरगला दिया। बीजेपी ने अपने अच्छे दिन बहुत देखा दिए अब जनता उनको उनके बुरे दिन दिखाने का मन लगातार बनाती जा रही है।

हैदराबाद यूनिवर्सिटी में ABVP की करारी शिकस्त व ASJ (एलायन्स फॉर सोशल जस्टिस) गठबंधन की शानदार जीत वास्तव में दलित स्कालर रोहित वेमूला को श्रद्धांजलि है। यह केंद्र की BJP सरकार को सबक है कि वह दलित-विरोधी हरकतों से अब भी बाज़ आ जाये, ताकि देश में किसी अन्य रोहित वेमूला को आत्महत्या करने के लिये मजबूर नहीं होना पड़े।

धन्नासेठों के हाथ बिक गई मोदी सरकार

MAYAWATI ने कहा कि कुछ मुट्ठीभर बड़े-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों को छोड़कर देश के सवा सौ करोड़ लोग परेशान हैं। आसमान छूती हुई महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी, अशिक्षा व स्वास्थ्य सेवा का अभाव है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व विभिन्न राज्यों में इनकी बीजेपी सरकारें इन विकट राष्ट्रीय समस्याओं के प्रति घोर लापरवाह व उदासीन बनी हुई हैं। ये सरकारें अपनी संवैधानिक जिम्मेंदारियों को निभाने का राजधर्म निभा पाने में विफल साबित हो रही हैं।

MAYAWATI ने आगे कहा कि देश की आमजनता व खासकर छात्रों एवं युवा वर्ग में जो बेचैनी व आक्रोश है। वह अब विभिन्न रूपों में उबलकर सामने आने लगा है और विश्वविद्यालयों के छात्र संघ के चुनाव परिणाम इस बात के प्रमाण हैं कि लोग गौरक्षा, घर वापसी, लव जिहाद, एंटी-रोमियों, देशगान व राष्ट्रीय सुरक्षा आदि इन भावनात्मक मुद्दों के चंगुल से निकलकर जीवन के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने लगे हैं।

PM MODI अपने मंत्रालय के JOB में भी फेल

JOB

भयंकर महंगाई व जबर्दस्त बेरोजगारी का मुद्दा इसमें सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण है, जिसमें नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियां बुरी तरह से फ्लाप साबित हुई हैं। इनका ‘‘कौशल विकास’’ (स्किल डेवलपमेन्ट) का ख़ास मंत्रालय भी नकारा साबित हुआ है, क्योंकि स्वयं ”प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना” के आंकड़े बता रहे हैं कि देशभर में जिन लगभग तीस लाख लोगों को प्रशिक्षित किया गया, उनमें से केवल 10 प्रतिशत (2.9 लाख) लोगों को ही JOB के आफर प्राप्त हुये।

योगी सरकार में आपराधिक घटनाएं बढ़ीं

उत्तर प्रदेश में BJP के शासनकाल में अपराध-नियन्त्रण व कानून-व्यवस्था एवं जनहित व विकास का सवाल है, तो योगी सरकार के छः महीने के कार्यकाल के दौरान ही इस सरकार में जितनी आपराधिक घटनायें, दुर्घटनायें व व्यापारिक अपहरण व हत्यायें हुई हैं और इस कारण जनता ने इस सरकार की जितनी खिंचाई की है, वे इस बात का प्रमाण है कि जनता का इनसे मोहभंग हो गया है। – farkindia.org

मोदी-योगी दोनों जनता से किए वादे नहीं कर रहे पूरेः मायावती

केवल तसल्ली के लिये बीजेपी के वरिष्ठ नेतागण ख़ासकर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश दोनों अक्सर एक-दूसरे की तारीफें करते रहते हैं, ताकि जनता का ध्यान बांटा जा सके। इस बारे में यह भी सर्वविदित है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की तरह ही योगी सरकार भी जनता से किये गये जनहित व जनकल्याण के वायदे निभाने में बुरी तरह से विफल साबित हो रही है। केंद्र व राज्य में एक ही पार्टी बीजेपी की सरकार होने का जो फायदा लोगों को बताया गया था, वह भी विदेश से कालाधन वापस लाकर प्रत्येक गरीब परिवार के हर सदस्य को 15 से 20 लाख रुपये देने आदि की तरह ही पूरी तरह से हवा-हवाई ही साबित हो रहा है।

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GST ने महंगाई को बढ़ा दिया

नोटबन्दी व जीएसटी के कारण बढ़ी महंगाई से परेशान लोगों को तथा बुरे तरीके से परेशान किसानों की रुपये, दो रुपये, 10 रुपये की कर्जमाफी करके लोगों को बुरेदिन देखने के लिये मजबूर कर दिया है। जो BJP सरकार की गलत सोच, नीति व गलत कार्यप्रणाली का स्पष्ट प्रमाण है।

मायावती ने कहा कि जनता से वादाखिलाफी, कथनी व करनी में अन्तर, बिना पूरी तैयारी के ही आपाधापी में नोटबन्दी व जीएसटी को देश पर थोपना आदि ऐसे कुछ खास कारण हैं, जिस कारण BJP की केंद्र व राज्य सरकारों से देश की जनता व व्यापारी वर्ग का भी मोहभंग हो गया है और वे सब अब बीजेपी को कड़ा सबक सिखाना चाहती है।– farkindia.org

तस्वीरः फाइल।

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